Monday, July 26, 2010

मन की शक्ति ..

आपकी मनपसंद चोकलेट को देख केर अचानक ही आपकी जीभ पर उसका स्वाद आ जाता है.
उसे चखे बिना ही आप उसे अपनी जीभ पर महसूस करने लगते है
हैं ना?
तो क्या वो स्वाद उस चोकलेट में है या आपके मन यानि आपके mind में
अगर वो स्वाद आपके मन में है तो यक़ीनन वो कभी ना कभी आपके मन में गया होगा
जिसका तरह हो आपके मन में रिकॉर्ड हुआ है उसी तरह उसे डिलीट भी किया जा सकता है !
जैसे किसी को खो देने पर हमें या तो उसके साथ बिताया हुआ कल याद आता है या फिर उसके साथ सोचा गया भविष्य
दोनों ही बहुत दुख देते है
दरअसल यह दर्द नज़र नहीं आता मगर इसका दर्द कितना तेज है वोह इससे गुजरने वाला ही जानता है
सब कुछ आपके मन में है
सारी यादें, सारे स्वाद और सारे emotions , और सारे डर, जलन, और हर वोह चीज़ जो वर्तमान को प्रभावित करती है......
जो भी मन ने सिखा है उसे भुलाया जा सकता है और जो उसे सिखाना है सिखाया जा सकता है
किसी को देख कर चिढने की बजाय अपने मन को सिखाया जा सकता है की वो उसे देख कर अच्छा महसूस करे..
यही है शायद २१वी सदी की सबसे बड़ी खोज में से एक
हमने बचपन से सुना है प्रथानायो में
हमको मन की शक्ति देना मन विजय करें....
मन के हारे हार है मन के जीते जीत ...
अपने मन पे जीत पाईये और देखिये यह दुनिया एक बेहतरीन जगह बनती चली जाएगी

सोच अभी हकीक़त नहीं बनी...तो क्यों ना उसे सोच में बदल दिया जाये ..हकीक़त खुद ब खुद बदल जाएगी...
जब सोचना ही है तो अच्छा सोचेंगे... कम से कम चिंता नाम की चिता पे जलने से तो बचेंगे...
एक विद्यार्थी .....

1 comment:

  1. exactly.....every things i see around ---is all gud...............tht is jus because of u Respected Sir...thnx

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