Monday, January 2, 2012

GOAL is important

क्या आपने कभी मकान बनाने की सोची है?
चलो क्यों ना मकान बनाएं? क्या करें, दीवार खड़ी कर देते हैं , नहीं नहीं फर्श डालते हैं,
रुको क्यों न पहले पानी की फिटिंग कर लें,
ओह हो मकान तो बन गया पर अंदर कहाँ से जायें?

नहीं, मकान ऐसे नहीं बनते, इसके लिए नक्शा चाहिए.. नक्शा जो दिमांग में नहीं, कागज़ पे हो. क्यूंकि किसी का दिमाग पड़ना
अभी इतना आसान नहीं. और दीमाग पड़ने वाले का तरीका एक सा हो यह भी जरुरी नहीं.
सोचो फिल्में अगर बिना कहानी लिखे बने तो?
बड़ी बड़ी कंपनी बिना किसी प्लान के प्रोडक्ट बनाने लगे तो?
किसी दिन दोपहर को घर से निकल के देखो. एक दम साफ़ दिन, और उजाला. थोडा चलो, और फिर सोचो जाना कहाँ है?
तो वो सूरज भी फीका लगने लगेगा. क्यूंकि वो तुम्हारे मन का अँधेरा है.
और एक रात अँधेरे में निकलो, अपनी मंजिल का फैसला करके. देखो तुम्हारे मन की रौशनी कैसे चीर देगी उस अँधेरे को. क्यूंकि तुम्हें मालूम है की तुम्हे कहाँ जाना है?
किसी भी आदमी को देखो, किसी भी कंपनी को देखो...जिसने सफलता को छुआ है, उसकी सफलता के पीछे एक ही राज़ है...
एक सफल योजना, या यूँ कहें एक कि एक निर्धारित प्लान.

सफल लोग अपने प्लान कागज़ पे उतारते है.


एक मशहूर विश्वविद्यालय के प्रोफेस्सर से बातचीत के दौरान उन्होंने मुझे बताया..
अक्सर फोन आता है मुझे, मेरे कुछ नए पुराने स्टुडेंट्स का.
सर
आपसे मिलना है?
हाँ हाँ क्यों नहीं? आ जाओ..वैसे किस विषय में मिलना है?
सर मेरे पास एक बिज़नस प्लान है ..आपसे राय लेना चाहता हूँ..
हाँ हाँ आ जाओ क्यों नहीं...एक बढ़िया से फाइल में लगा के ले आओ.
अरे नहीं सर, उस सबकी क्या जरुरत है..,मुझे सब याद है, मेरा ही तो प्लान है..
फिर भी, लिख लाओ तो बेहतर होगा...
ठीक है सर.

हम्म, जानते हैं क्या ?
९०% तो आते ही नहीं. कौन लिखे, कौन कागज़ काला करें?
अरे ऊपर वाला भी जब भेजता है तो तकदीर लिखता है, अपने हाथो से अपनी तकदीर लिखो से बुजुर्गो का शायद यही मतलब था.
दिशा ही आपकी दशा तय करेगी...

यदि अगर आप परेशान हैं तो पीछे मुड के दिखेये..आप यकीन से कह सकेंगे ..आपकी दिशा ही आपकी दशा के लिए जिम्मेदार है?
हम जिस भी हाल में होते है उसके जिम्मेदार सिर्फ हम खुद होते हैं....ऐसा कहा जाता है.
सही दिशा से मतलब है वो दिशा जो हमें हमारी मंजिल तक ले जाये..
मंजिल का रास्ता लिखने के लिए मंजिल का मालूम होना जरुरी है मेरे दोस्त..
आज क्यूँ ना थोडा वक़्त निकालें , तय करें अपनी मंजिल...