Sunday, August 29, 2010

businessman ki liye..

आपका बिज़नस कल से एक नयी उम्मीद देखेगा.
सिर्फ यह कुछ बातें अपनाने से अगर आपकी ज़िन्दगी बदल जाये तो इन्हें अपनाने में आप पीछे नहीं हटेंगे मुझे पूरा यकीन है. मेरे इतने साल मैनेजमेंट शिक्षा में बिताने की बाद मैं कह सकता हूँ की यकीनन आपको एक नयी दिशा देगा.

१. अपने काम को एक सेवा की तरह देखिये और सोचिये आप किस तरह से किसी के काम आ सकते है. यह आपको उत्साहित कर देगा. अगर आप अपने प्रोडक्ट या सेवा को लेकर उत्साहित नहीं है. तो क्या आपको लगता है की आप किसी और को उस सेवा या प्रोडक्ट के लिए उत्साहित कर सकते है.
सबसे बहतरीन सलेस्मन सिर्फ सामान ही नहीं बल्कि उसके साथ उत्साह भी बेचता है. याद करिए जब आप कुछ खरीद के लाये थे, जिसे खरीद के आप बहुत उत्साहित थे, कितने उत्साह से आपने उस सामान को अपने दोस्तों और परिवारजनों को दिखाया था. याद है. मुझे पूरा यकीन है की आप उस दुकानदार से भी बेहतर समझा रहे थे उस सामान के बारे में.
यह उत्साह आपको ख़ुशी देगा अपने प्रोडक्ट या सेवा के प्रति. और यह ख़ुशी अपने मन में रखिये क्यूंकि अगर आज आपके मन में ख़ुशी है तो कल आपको ख़ुशी ही मिलेगी और आपके मन में उदासी है तो हर और उदासी देखेगी.
२. आज से निंदा त्याग दें. यह सिर्फ रिश्ते तोड़ता है. घर या बहार, अपने या पराये सबकी निंदा से हासिल कुछ नहीं होगा. हम में से कोई पूरा नहीं इसीलिए हम इस पर काबू पाने की कोशिश तो कर ही सकते है.
कुछ ख़राब लगने पर शिकायत की जगह अगर हम उसकी वजह जाने तो आसान हो जायेगा अपनी बात कह पाना.
अपने आप से पूछिए कैसा लगता है जब कोई आपसे आपकी या आपकी सेवा की शिकायत करता है. कैसा लगता है जब आपके परिवार के लोग आपकी किसी
बात को नापसंद करें.
प्रशंसा करें. एक काम के लिए की गयी प्रशंसा बाकी ९९ कामों के लिए उत्साहित करेगी.
अपने आप से पूछें अगर कोई आपके किये गए एक काम के लिए आपकी प्रशंसा करे तो आप खुद ही और कामों को मन लगा कर करना चाहेंगे.
सिर्फ एक बार अपने आस पास नज़रें घुमाएं और देखें अपने आस पास के माहौल और लोगों को. उनमे ज़रूर कमियाँ है. मगर मैं दावे से कह सकता हूँ की उनमें कम से कम एक
बात प्रशंसा के लायक होगी. बस उसे ढूंढ निकालिए. देखिये हो सकता है आप उसे कह ना सके. तो अपने मन में ही कहे यह सब. वर्ना हिम्मत करें और कह दे. प्रशंसा सच्ची करें. सब बदलने लग जायेगा. सिर्फ एक बार करके तो देखें. हो सकता है आप कहें यह तो आज होगा कल फिर क्या. आप समझदार है और जानते हैं की कल सुबह आप फिर खाना खायेंगे, फिर से नहायेंगे तो क्यों ना मन को भी उसके हिस्से का खाना दे. मन का भोजन है बेहतरीन विचार. उसे उसके हिस्से का भोजन दे. नज़र फेरे चारो तरफ और दिल खोल के प्रशंसा करें. देखे
कितने बेहतरीन लोगो और सुखों का साथ मिला है आपको.. ...यह नए दिन की शुरुआत है...
३. लोगों में सच्ची दिलचस्पी लें. उनके पास बहुत कुछ है कहने के लिए. बताने के लिए. . उनके तजुर्बे, उनके सुख , दुःख, शौंक और भी बहुत कुछ. आप १५ दिनों में नए दोस्त बना लेंगे. सिर्फ लोगों में दिलचस्पी लेके. शायद इतने दोस्त आप एक साल में ना बना सके अगर आप उनसे उम्मीद रखें की वो आपमें दिलचस्पी दिखाएं. कृष्ण बन कर एक सुदामा मिलेंगे और सुदामा बन कर रहने पर कई कृष्ण.
४. मुस्कुराइए ...यह सबसे छोटा रास्ता है किसी के भी दिल में उतरने का. मुस्कुरा के मिलिए देखिये बदल जायेगा बहुत कुछ.
५. नाम ..सबसे प्यारा शब्द. .याद रखिये इसे. इसके लिए बहुत कुछ करते हैं लोग. उनका नाम याद रखिये और दोहराइए बातचीत के दौरान और देखियें कैसे बदलता है सब कुछ.
६. लोग को सुनिए..बोलना आज से उनका काम. आप सिर्फ सुनिए...सब अच्छा बोलने वाला वही है जो सब बेहतर सुने..
७. बहस या इंसान चुन लीजिये आपने क्या जीतना है..बहस या इंसान. अगर इंसान जीतना है तो बहस हारना शुरू कर दीजिये. और जीतने दीजिये सामने वाले को. बहस करना ऐसा है जैसे दुश्मन बनाने का बेहतरीन तरीका. बिज़नस में होने वाला मोल भाव बहस नहीं. वो एक प्रक्रिया है सही निष्कर्ष पर पहुचने की. जहाँ दोनों का मान रहता है और दोनों रिश्ता बनाये रखने के लिए एक दुसरे को परस्पर जगह देते है...
८. लोगों से ना कहें की वोह गलत है..चाहे आप उनकी बात से सहमत नहीं. यह उनके आत्मस्वाभिमान को ठेस पहुचाता है.
अगर वोह कहें की आज गर्मी है तो कहें आज गर्मी है .
अगर आपको लगता है की आज गर्मी नहीं तो कहें ...आज गर्मी है और पता नहीं क्यों मैं ठीक महसूस कर रहा हूँ.
देखिये आपने उन्हें गलत नहीं कहा और आपकी बात भी राखी गयी.
उदारहण के लिए. वोह कहता है की आपकी कंपनी महंगी है...
तो उपयुक्त क्या है..
नहीं...आप गलत है या
हाँ आप ठीक कह रहे हैं मगर.....देखिये मगर कहते ही आपने उसे गलत साबित कर दिया है..
अपनी बात रखने का सबसे बेहतरीन उपाय है...
आप ठीक कह रहे हैं हमारा प्रोडक्ट महंगा है...और.(और शब्द जोड़ता है ) इसलिए हमने इसे और भी बेहतर बनाया है. और उसके लिए इसे सबसे बेहतरीन गुणों से भरा है.
आपकी बात भी रह जाये और सामने वाली की बात भी..
यह मत देखिये की आप क्या बेच रहे है यह देखिये की सामने वाला क्या खरीदना चाहता है. अपने बारें में वही बतायिएँ जो वो सुनना चाहे.
इसके लिए एक बेहतर श्रोता बनिए और जानिए की सामने वाला क्या चाहता है.
उदाहरण के लिए
अगर आप गाडी बेच रही है तो अपनी गाडी के बारें में नहीं..उनकी पसंद की गाडी के बारें में पूछिए.
और देखिये उन्हें अपनी पसंद की गाडी में क्या पसंद है. उनकी पसंद की अनुभूति उन्हें अपनी गाडी में भी करायिएँ.
इसके लिए आपको सुनना पड़ेगा. एक बेहतर श्रोता की तरह. उनकी बात रखिये और उसमें अपनी बात जोड़ दीजिये.

1 comment:

  1. these thoughts can change anybody's life and makes people happy...
    very nice

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